समाधान में समस्या
हर समस्या के समाधान केगले मेंतुम कुछ न कुछ अड़चनों कीघंटियां क्यों बांधते रहते होसमस्या ज्यादातर कभीकहीं होती नहीं है लेकिनहे मानव! तुमसमाधान में ही...
हर समस्या के समाधान केगले मेंतुम कुछ न कुछ अड़चनों कीघंटियां क्यों बांधते रहते होसमस्या ज्यादातर कभीकहीं होती नहीं है लेकिनहे मानव! तुमसमाधान में ही...
मुझेमेरा घरमेरा शहर जोमेरा जन्म स्थान भी हैबहुत ही ज्यादा प्रिय हैइस जगह को छोड़करमैं किसी परी देश की सैर पर भीन जाऊंमेरा सपना इसके...
जो दिखता हैउस पर मत जाओकहने भर को हैफूलों से भरा उपवन परगौर से समझो तोसमझ आता है कियह महकता ही कहां है।
इस दुनिया मेंऐसा कौन सा व्यक्ति या वस्तु हैजिससे मुझे प्यार नहीं हैसच मानियेमुझ पर यकीन करियेइसे कोई अतिशयोक्ति मत समझिये लेकिनमुझे बिना किसी भेदभाव...
कहने कोवह अपने हैं परकिसी भी दृष्टि सेबोलने के काबिल नहींजरूरत के समय भीमदद के लिएउन्हें पुकारना नासमझी होगीजिसने अच्छे वक्त में तुम्हें नहीं पूछावह...
नीले आसमान काविस्तृत फैलावमुझे बहुत अच्छा लगता हैऐसा प्रतीत होता है जैसे कियह अपनी बलिष्ठ भुजाओं कोफैलाकरसबका आलिंगन करने के लिएप्रतिबद्ध होकभी यह एक शामियाना...
गुलिस्तान कोघर के लोगों ने हीपहले बनाया कब्रिस्तानइस पर भी उन्हें चैन नहींअब कब्रिस्तान से कब्रों कोउखाड़ने का काम शुरू कर दिया है।
किसी से मित्रता करनी याकिसी समुदाय से जुड़ना तभीलाभप्रद है जब वह आपकोएक परिवार जैसे अपनेपन का अहसासदेता होवहां भी अगर आप हैंएक भीड़ में...
कहने कोवह अपने हैं परकिसी भी दृष्टि सेबोलने के काबिल नहींजरूरत के समय भीमदद के लिएउन्हें पुकारना नासमझी होगीजिसने अच्छे वक्त में तुम्हें नहीं पूछावह...
मैं जहां से चलती हूंघूम फिरकर वहीं वापिसपहुंच जाती हूंमंजिल पर पहुंचने की कोशिश तोकरती रहती हूं पररास्तों में ही कहीं भटक जाती हूंमैं जिस...
सच जानते हुए भीवह सच कोअपने पांवों के तलवों के नीचेदबाये बैठा हैझूठ दे रहा हैउसे पल दो पल का सुखबस इसी कारणवह उसे बहुत...
शमा शाम कोजली हुई थी औरआहिस्ता आहिस्ता पिघल रही थीउसने मुझे देखा औरवह थम गई थीउसकी सांसें रुक गई थी औरमेरी नजर उस पर टिक...