इनके साये जीवंत से


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इस दुनिया में
ऐसा कौन सा व्यक्ति या वस्तु है
जिससे मुझे प्यार नहीं है
सच मानिये
मुझ पर यकीन करिये
इसे कोई अतिशयोक्ति मत समझिये लेकिन
मुझे बिना किसी भेदभाव के
हर किसी से दिल से प्यार है
यह बात अलग है कि
यह प्यार कुछ अधिक ही है मेरा
मेरे मां-बाप के लिए
इस प्रेम की अनुभूति
दिव्यता से भरी है
इसकी अलौकिकता को एकाएक
कोई सामान्य व्यक्ति इस संसार का
समझ नहीं पायेगा
वह दोनों ही बदकिस्मती से अब
इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन
मेरे जीवन में अब भी हर पल
मेरे साथ हैं
इन दोनों की छवि मेरे दिल में
विराजमान है एक ईश्वर की तरह
इनकी देह मेरे संग नहीं है लेकिन
इनकी आत्मा अभी भी
मेरे आसपास ही कहीं मंडराती रहती है
इनकी यादें हर पल मेरे
मन मस्तिष्क पर विचरती रहती हैं
इनकी कही बातें मेरे कानों में
हरदम गूंजती रहती हैं
इनके चेहरे मेरी आंखों के
समक्ष एक दृश्य से चलते रहते हैं
इनके साये जीवंत से मेरी काया की
सतह पर ही कहीं चिपके से
रहते हैं
क्या बताऊं
कोई कभी समझ नहीं पायेगा
मेरे प्रेम की पराकाष्ठा को
जिन्होंने कभी किसी से सच्चा प्रेम
नहीं किया वह तो कभी इससे
होकर भूले से भी गुजर नहीं
पायेंगे।


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