मेरा मन है बहुत गहरा
मेरा मन है बहुत गहरा,तुम उसकी गहराई कभी मापनहीं पाओगे। इसमें समाये हैं न जाने कितने सागर,तुम यह भी कभी जान न पाओगे।
मेरा मन है बहुत गहरा,तुम उसकी गहराई कभी मापनहीं पाओगे। इसमें समाये हैं न जाने कितने सागर,तुम यह भी कभी जान न पाओगे।
अब मांगने को कुछ बचा ही नहींन कोई शिकायत, न कोई तमन्नान हाथ फैले हैं, न आंखें तरसींन गम का साया, न खुशी का नशान...
एक पेड़ बिना पत्तों का भीमुझे तो बहुत अच्छा लगता है। मैं कौन कैसा दिखने में लगता है,इस पर नहीं जाती,मैं हर किसी को दिल...
मेरी ख्वाहिश थी किउनके लब ही नहीं बल्किउनकी जिंदगी का हर लम्हा मुस्कुराये औरउनकी यह कि मेरी आंख से बहते आंसुओं का सैलाबएक पल को...
वो बैठा था, अपनी तकदीर की लकीरें गिन रहा थामैंने पूछा, "पंडित से दिखवा लीं?" हंसकर बोला, "नहीं, समय के हाथ देख रहा हूंवो हर...
ये कपड़ा नहीं, मेरे पुरखों का लहू है,जो केसरिया में तप कर,सफेद में सच बनकर,हरे में लहलहा रहा है। 15 अगस्त सिर्फ एक तारीख नहीं,ये...
यह जिंदगी कोई मंजिल नहीं, बस एक सफर का नाम हैहर मोड़ पर किरदार बदलते हैं, बस किराया तमाम है बचपन की रेल में खिड़की...
वो बंधन सिर्फ दो दिन का त्यौहार नहीं है,वो एक पूरी उम्र का एहसास है। याद है बचपन में,जब आंधी आती थी तो भाई दौड़कर...
मेरे शरीर काएक बड़ा हिस्सापत्थर में तब्दील हो रहा हैऐसा मुझे अक्सर महसूस होता हैजो हिस्सा पत्थर का नहीं हैवह दिन रात दर्द से कराहता...
किसी भी मजदूर कोईंट पर ईंट रखकरघर बनाना बखूबी आता हैयह होती हैउसकी बदकिस्मती कियह हुनर होते हुए भीवह कई बारसंभवत आर्थिक तंगी के कारणअपना...
एक ही शहर में दो सुबह होती हैं,एक सुबह अखबार के साथ कॉफी पीती है,दूसरी सुबह कचरे में अखबार बीनती है। एक के पैरों में...
रात सबसे गहरी तब होती है सखी,जब उसे लगता है अब उसका ही राज है,पर तभी क्षितिज पर एक हल्की सी लकीर खिंचती है,और सारा...