• मेरा मन है बहुत गहरा

    मेरा मन है बहुत गहरा,तुम उसकी गहराई कभी मापनहीं पाओगे। इसमें समाये हैं न जाने कितने सागर,तुम यह भी कभी जान न पाओगे।

  • अब कुछ भी बाकी नहीं

    अब मांगने को कुछ बचा ही नहींन कोई शिकायत, न कोई तमन्नान हाथ फैले हैं, न आंखें तरसींन गम का साया, न खुशी का नशान...

  • दिल से

    एक पेड़ बिना पत्तों का भीमुझे तो बहुत अच्छा लगता है। मैं कौन कैसा दिखने में लगता है,इस पर नहीं जाती,मैं हर किसी को दिल...

  • मेरी ख्वाहिश

    मेरी ख्वाहिश थी किउनके लब ही नहीं बल्किउनकी जिंदगी का हर लम्हा मुस्कुराये औरउनकी यह कि मेरी आंख से बहते आंसुओं का सैलाबएक पल को...

  • किरायेदार

    वो बैठा था, अपनी तकदीर की लकीरें गिन रहा थामैंने पूछा, "पंडित से दिखवा लीं?"  हंसकर बोला, "नहीं, समय के हाथ देख रहा हूंवो हर...

  • तिरंगा

    ये कपड़ा नहीं, मेरे पुरखों का लहू है,जो केसरिया में तप कर,सफेद में सच बनकर,हरे में लहलहा रहा है। 15 अगस्त सिर्फ एक तारीख नहीं,ये...

  • सफर-ए-जिंदगी

    यह जिंदगी कोई मंजिल नहीं, बस एक सफर का नाम हैहर मोड़ पर किरदार बदलते हैं, बस किराया तमाम है  बचपन की रेल में खिड़की...

  • यह मेरा सफर है

    मेरे शरीर काएक बड़ा हिस्सापत्थर में तब्दील हो रहा हैऐसा मुझे अक्सर महसूस होता हैजो हिस्सा पत्थर का नहीं हैवह दिन रात दर्द से कराहता...

  • अपना घर बनाने का सपना

    किसी भी मजदूर कोईंट पर ईंट रखकरघर बनाना बखूबी आता हैयह होती हैउसकी बदकिस्मती कियह हुनर होते हुए भीवह कई बारसंभवत आर्थिक तंगी के कारणअपना...

  • एक ही शहर में

    एक ही शहर में दो सुबह होती हैं,एक सुबह अखबार के साथ कॉफी पीती है,दूसरी सुबह कचरे में अखबार बीनती है। एक के पैरों में...

  • एक नई भोर का वादा

    रात सबसे गहरी तब होती है सखी,जब उसे लगता है अब उसका ही राज है,पर तभी क्षितिज पर एक हल्की सी लकीर खिंचती है,और सारा...

Choose A Format
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals