• अदरक की टॉफी

    खांसी थी कि रुकने का नाम नहीं ले रही थी। बदलते मौसम में गरम सर्द के कारण खांसी जुकाम की चपेट में अक्सर लोग आ...

  • कटाक्ष

    मेरे घर की डोर बेल बज रही थी। मैं अपनी बुआ जी के साथ मोबाइल पर बातचीत कर रही थी। कान पर मोबाइल लगाए बातचीत...

  • एक संयमित आचरण

    आजकल का समय ही कुछ ऐसा विपरीत है कि घर हो या बाहर आप कहीं भी खुलकर कुछ बोल नहीं सकते।समझदार लोग अधिकतर अपना मुंह...

  • कुत्ते की रोटी

    परसों मैं अपनी एक परम मित्र के साथ उनके किसी परिचित की बेटी के महिला संगीत में गई।वहां का वातावरण एक सुखद अनुभूति प्रदान कर...

  • एक दुख की लहर में

    कल शाम फोन पर अशोक भैया से काफी समय पश्चात एक लंबी वार्तालाप हुई। उनके बारे में बस इतना समझ लीजिए कि मेरे मां-बाप की...

  • आग्रह

    मोबाइल की घंटी झनझना रही थी। मैंने लपककर उसे उठाया तो मेरी प्रिय मित्र और हमदर्द रचना एक ही सांस में तेज रफ्तार से बोली,...

  • कोई तारा कभी जो टूटे तो

    कभी जो तुम्हेंफुरसत मिले तोअपना सिर ऊपर की तरफ उठाकर देखना कितारों से भरा एक जहांरात्रि का,चांद को साथ लिएअपना सफर तय करता यह कारवां...

Choose A Format
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals