अदरक की टॉफी


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खांसी थी कि रुकने का नाम नहीं ले रही थी। बदलते मौसम में गरम सर्द के कारण खांसी जुकाम की चपेट में अक्सर लोग आ ही जाते हैं। मैंने सोचा कि बिना डॉक्टर को दिखाये और दवाई खाये मैं ठीक होने वाली नहीं लेकिन इतनी भयंकर खांसी में डॉक्टर के जाऊं भी कैसे।मैंने खांसी को थोड़ा ठीक करने के लिए डाबर या विक्स की कफ ड्रॉप्स को पहले लेना बेहतर समझा। मैंने किसी से इसके तत्काल 15-20 सैशे लाने को कहा जिसमें शहद, अदरक या तुलसी हो। पुदीने वाली न लायें, यह भी कहा।
काफी समय बीत गया पर काम होता नहीं दिखा। जिसको कहा था उसने किसी अन्य से कह दिया। पूरा दिन बीत गया।
एक तीसरे से मालूम पड़ा कि कई जगह देख लिया लेकिन कफ ड्रॉप्स मिल नहीं पा रही। मुझे थोड़ी हैरानी हुई क्योंकि यह तो छोटे से छोटे केमिस्ट के आसानी से मिल जाती हैं।
अगले दिन सुबह जिसे सबसे पहले कहा था उसने मेरे हाथ में लाकर उन्हें दे दिया।
जिसे मिल नहीं पाई उससे उसका कारण पूछा तो बात गले नहीं उतरी। उसका कहना था कि शहद, अदरक या तुलसी की टॉफियां कई जगह तलाश करी लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
मैंने उसे समझा तो दिया लेकिन वह ऐसे ही आगे भी करेगा तो उसे हर बार कोई कितना समझायेगा। मैंने कहा कि अदरक की टॉफी तो पूरे शहर में ढूंढ ले वह मिलेगी ही नहीं। जब इसका निर्माण अभी तक नहीं हुआ तो किस दुकान पर यह भला उपलब्ध होगी। बड़े शहरों या दुकानों पर अदरक कैंडी बेशक उपलब्ध है लेकिन छोटे शहरों में यह आमतौर पर नहीं मिलती है।


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