• अपने खोये हुए बचपन को

    गर्मी का मौसमकिसे अच्छा लगता हैकिसी को भी नहीं लेकिनगर्मी जब गर्म होने के सारे रिकॉर्ड तोड़ देती है तोबच्चों के स्कूल कॉलेज हो जाते...

  • एक फ्रेम में जब

    क्या पता मैं कब तक देख पा रही हूंदर्पण में अपनी शक्लएक फ्रेम में जब जड़ जाऊंगी तबमैं खुद को नहीं बल्किदुनिया मुझे देखेगी।

  • एक उम्मीद का दीया

    रिश्तों की डोरइतनी कमजोर है किअब थामी नहीं जा रहीइंसान तो दिखता है परइंसान जैसी इसमें कोई बात नहींलाख समझाया मैंने अपने मन को लेकिनअब...

  • समय की धारा

    समय की धारामुझे अपने साथआगे की ओर बहाकर ले जा रही है यापीछे की ओर धकेल रही है याखुद गतिमान होते हुएमुझे स्थिर बना रही...

  • मेरी कहानी जानने की तुम

    मेरी कहानीजानने की तुम कोशिश मत करोतुम नहीं जान पाओगेआखिर तकबेवजह समय बर्बाद होगादोनों का हीआदमी की यह फितरत होती है किउसे जो समझना होता...

  • अग्नि के सात फेरे

    मैंने अग्नि के सात फेरे लिए हैंपर किसी के साथ नहीं – खुद के साथये फेरे बंधन के नहीं, विद्रोह के हैं  हर फेरे पर...

  • मेरी विवशता

    मैं एक पेड़ हूंमहकते हुए फूलों से लदामैं एक पतझड़ भी हूंमुरझाये हुए पत्तों से भराएक ही समय मेंकई किरदारों को निभानाबन गई है मेरी...

Choose A Format
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals