अपने खोये हुए बचपन को
गर्मी का मौसमकिसे अच्छा लगता हैकिसी को भी नहीं लेकिनगर्मी जब गर्म होने के सारे रिकॉर्ड तोड़ देती है तोबच्चों के स्कूल कॉलेज हो जाते...
गर्मी का मौसमकिसे अच्छा लगता हैकिसी को भी नहीं लेकिनगर्मी जब गर्म होने के सारे रिकॉर्ड तोड़ देती है तोबच्चों के स्कूल कॉलेज हो जाते...
क्या पता मैं कब तक देख पा रही हूंदर्पण में अपनी शक्लएक फ्रेम में जब जड़ जाऊंगी तबमैं खुद को नहीं बल्किदुनिया मुझे देखेगी।
समय एक दरिया हैसमय एक नाव भीसमय एक माझी हैसमय एक पतवार भीसमय एक लहर हैसमय एक ठहराव भीसमय एक शोर हैसमय एक सन्नाटा भीसमय...
रिश्तों की डोरइतनी कमजोर है किअब थामी नहीं जा रहीइंसान तो दिखता है परइंसान जैसी इसमें कोई बात नहींलाख समझाया मैंने अपने मन को लेकिनअब...
एक पानी का बुलबुला सी मैं एक पानी का बुलबुला सी मैं मैं क्यों खुद में हवा भरती रहती हूं औरमौत को दावत देती हूं।
समय की धारामुझे अपने साथआगे की ओर बहाकर ले जा रही है यापीछे की ओर धकेल रही है याखुद गतिमान होते हुएमुझे स्थिर बना रही...
मेरा दिल हर समय घबराता क्यों रहता हैक्या इस कारण कि इसने जिंदगी भरकभी कोई गुनाह नहीं किया।
मेरी कहानीजानने की तुम कोशिश मत करोतुम नहीं जान पाओगेआखिर तकबेवजह समय बर्बाद होगादोनों का हीआदमी की यह फितरत होती है किउसे जो समझना होता...
मेरे घर के आंगन में खड़ा पेड़मुझे बहुत साहस देता हैकोई मेरे साथ रहे या न रहेयह मेरा साथ एक पल के लिए भी नहींछोड़ता...
इस गुलाब के पौधे में आग लगा दोजब इसकी सुंदरता और महक सेकिसी को कोई वास्ता नहीं तोइसके होने का मतलब क्या है।
मैंने अग्नि के सात फेरे लिए हैंपर किसी के साथ नहीं – खुद के साथये फेरे बंधन के नहीं, विद्रोह के हैं हर फेरे पर...
मैं एक पेड़ हूंमहकते हुए फूलों से लदामैं एक पतझड़ भी हूंमुरझाये हुए पत्तों से भराएक ही समय मेंकई किरदारों को निभानाबन गई है मेरी...