मैं एक पेड़ हूं
महकते हुए फूलों से लदा
मैं एक पतझड़ भी हूं
मुरझाये हुए पत्तों से भरा
एक ही समय में
कई किरदारों को निभाना
बन गई है मेरी विवशता
खुद पर है मेरा पूर्ण नियंत्रण लेकिन
अपने ऊपर पड़ रहे
बाह्य प्रहारों का मैं क्या करूं
उन्हें कैसे रोकूं
उनका क्या उपचार करूं।
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