समय एक कृष्ण की द्वारिका है


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समय एक दरिया है
समय एक नाव भी
समय एक माझी है
समय एक पतवार भी
समय एक लहर है
समय एक ठहराव भी
समय एक शोर है
समय एक सन्नाटा भी
समय एक मझधार है
समय एक किनारा भी
समय एक बहते जल की धारा है
समय एक रेत का सामान भी
समय एक कठोर चट्टान है
समय एक कोमल जीवाश्म भी
समय एक डूबती हुई नैया है
समय एक सुबह के सूरज से उगती आस भी
समय एक जीवन में उतरती गहराई सी है
समय एक आसमान में भटकती तन्हाई भी
समय एक कृष्ण की द्वारिका है
समय एक वीरान टापू की गोद में भटकती प्यास भी।


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