भगवान श्री कृष्ण नील वर्ण के
प्रकृति के रंगों में सेमैं नीला रंग चुनती हूं औरउसे प्रेमपूर्वक निहारतीअपनी आंखों में भरती हूंआंखों के रास्तेउसे फिर अपने दिल में उतारती हूं औरजब...
प्रकृति के रंगों में सेमैं नीला रंग चुनती हूं औरउसे प्रेमपूर्वक निहारतीअपनी आंखों में भरती हूंआंखों के रास्तेउसे फिर अपने दिल में उतारती हूं औरजब...
तुम्हारे अवसान के पश्चातमेरा दिल एक गहरे लेकिन शांत दुख मेंडूब गया हैमेरा स्वर बुझ गया हैमेरी अंतरात्मा सूख गई हैमेरे मस्तिष्क के पटल परउदासीनता...
मेरी कोई भी बात तोतुम्हें रास नहीं आतीफिर तुम मुझसेकैसी दोस्ती निभाते होमैं भी कुछ बोझिल रिश्तो कोइस वजह से अपनी आत्मा पर ढोती हूं...
कितने पल लगते हैंउस एक पल को भुलाने मेंफिर भी वह पल है किभूलता नहींउस पल से जुड़ीजो होती है यादेंउनका दायरा तो बढ़ता ही...
फूलों के चमन में भीकांटे चुभें तोइसमें बहारों का,फूलों का याफूल कलियों से सजेचमन का क्या दोष।
मैं पहले भी खामोश थी औरआज भी खामोश हूंआगे भी खामोशी की चादर ओढ़े रखूंगीकल और आज में लेकिन एक बहुत बड़ा परिवर्तन मेरे भीतर...
माथे पर लाल बिंदीहोठों पर सुर्ख लालीदेह पर लाल रंग का लहंगा पहनेसिर पर लाल ही रंग की चुनरिया लपेटेचोली का रंग भी लालतुम्हारी चूड़ियों...
जिंदगी मेंइतना कुछ पाया हैफिर भीमाथे पर शिकन क्यों हैचेहरा मुरझाया सा क्यों हैजिस्म में थकान क्यों हैदिल की धड़कन धीमी क्यों हैंकदमों में ताकत...
एक समय ऐसा भी था किमैं दिन की तेज चमकीलीरोशनी मेंखुली आंखों से भीख्वाब देख लेती थीअब यह आलम है किरात में नींद आती नहींजो...
कुछ पल प्यार केकुछ पल दुलार केकुछ पल प्रेम के श्रृंगार केजब भी मिलेंइन्हें लपककरअपने आंचल में कैद कर लोयह वो अनमोल लम्हे होते हैं...
जिंदगी के रास्तेछोटे हों या लंबे लेकिनमिलें तो सहीकुछ भी मिल जायेकम या ज्यादा तो बेहतरन मिलने से तो अच्छा हैकम मात्रा में भी जो...
कोई तुम्हारी तरफनजर उठाकर न देखे तोतुम गुलिस्तान में महकते फूलों को देख लोआसमान में टिमटिमाते सितारों का दीदार कर लोकिसी दरख्त के नीचे बैठकरउसकी...