पंछी हाथ न आयें
पंछी उड़तेया विचरते परहाथ न आयें।
पंछी उड़तेया विचरते परहाथ न आयें।
बच्चे होते हैंबहुत ही मासूमफूल से कोमलशहद से मीठेउनके स्कूल का शिक्षक भीउन जैसा ही होना चाहिएबच्चों के साथ रहकरउसे भी एक बच्चे सा ही...
खुद कोबचाये रखने के लिएजो उपाय कर सकते हो औरजब तक कर सकते होकरोइसके बादसब कुछ छोड़ो खुदा परजिसने इस धरती का दीदारकरवायावह इस जीवन...
मां-बाप के सिवायहर रिश्ते में मिलावट थीकड़वाहट थीबनावट थीकहीं भी लेशमात्र की सच्चाई नहीं थीभलाई नहीं थीइंसानियत नहीं थीअच्छाई नहीं थीअपनाहट नहीं थीकुदरत के भीन...
किसी की तन्हा जिंदगी काकभी मजाक मत उड़ानाकिसी रोज तू भी होगा तन्हातू भी होगा परेशानतेरे साथ तेरा साया भी नहोगातेरा हाल जानने वाला कोई...
खुद के आगोश मेंजब कोई सिमटता है तोखुद को पाता हैइस दुनिया को समझ पाता है औरखुदा के घर का पता भीउसे मिल पाता हैफूलों...
ओस की बूंदें दूब पे पड़ी और दरिया बनी।
कोई भी तो नहीं है मेराआकाश में पंछी उड़ते दिखते हैंवह भी जमीन पर उतरकरमेरे पास नहीं आतेएक बिल्ली का बच्चा हैएक पत्थर की पटिया...
परसों सूरज का तापमान बहुत गर्म थाकल वही सूरज बादलों से ढका थाआज तो वह नदारद हैकोहरे की चादर से ढका होने के कारणआंखों को...
मेरे जीवन का अनुभव तोमुझे रह रहकर एक ही बात याददिलवाता था किहर रात के बाद एक नई सुबह काआगमन होता हैहर अंधकार के पश्चात...
मैं जटिल हूंतू पारदर्शीहम दोनों में है परएक समानतातालाब के नीले जल मेंछवि तेरी भी बनती है औरमेरी भी बन पाती हैहम दोनों उस जगह...
खामोशी चुनकोलाहल को करतू अनसुना।