कोई भी तो नहीं है मेरा
आकाश में पंछी उड़ते दिखते हैं
वह भी जमीन पर उतरकर
मेरे पास नहीं आते
एक बिल्ली का बच्चा है
एक पत्थर की पटिया पर बैठा
धूप सेंक रहा है
मुझे देखा नहीं कि
भागा कार के गैराज में छिपने के लिए
सड़क के पार सामने के पेड़ पर
बहुत सारे तोते रहते हैं
एक दूसरे के साथ खूब खेलते हैं
हवाओं संग लंबी-लंबी उड़ानें
भरते हैं
शोर मचाने की तो अति कर
देते हैं लेकिन
घूम फिर कर सवाल वही कि
जिसे देखो वह अपनी धुन में
मग्न है
किसी के पास एक पल का समय नहीं जो
मेरा हाल पूछे
इस दुनिया में आदमी तो चलो
माना कि अपने कामों में व्यस्त होंगे
ये जीव जंतु भी खुद की
दुनिया में ही तल्लीन होंगे
यह सच्चा अनुभव तो सच में
एक बार को तो
दिल तोड़ देता है।
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