मैं हूं एक जलती शमा
दर्द के परवाने को
एक पल में भस्म कर दूंगी
मैं हूं एक आसमान का
रोशन चांद भी
रात के अंधेरे की निराशा को
आशा की रोशनी से भर दूंगी
मैं हूं एक कुशल तैराक भी
दुख का दरिया हो कितना भी विशाल
उसे खुश होकर पार करूंगी
मैं हूं एक वीर योद्धा भी
जिंदगी की जंग को
ताउम्र हंसते हुए लडूंगी और
अंत में जीत का सेहरा अपने सिर भी बांधूंगी।
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