मेरा अतीत
एक अति सुंदर कलाकृति सा था जो
सुनहरे और चमकीले रंगों और धागों का इस्तेमाल करके बना हुआ था
यह सूरज की सुनहरी रोशनी और चांद की चमकीली चांदनी लेकर
बहुत ही मेहनत से तैयार की गई थी
यह आज की तारीख में भी इतनी जीवंत और सजीव है कि
बीते हुए सुनहरे पलों को जो खो गये हैं
उन्हें एक जीवित अवस्था में
मेरे सामने लाकर खड़ा कर देती है
यह कृति मेरे लिए बीती हुई
सुनहरी यादों तक पहुंचने का
एक द्वार है,
एक झरोखा भी
जिसमें जब चाहे झांककर
मैं अपने भारी मन को
पलक झपकते ही एक फूल सा हल्का कर लेती हूं
उस सुनहरे चित्र से
मेरे सारे बिछड़े हुए प्रियजन
मुझसे आंख मिलाकर
दिल की बातें करते रहते हैं
उनके अधूरे सपनों को
मैं इस धरती पर रहते हुए
पूरा करने में दिन-रात लगी हुई हूं
जैसे ही मैं अपने मकसद को पाने में कामयाब हो जाऊंगी
मैं भी इन तक जाती
एक राह पर चलते हुए
इन तक पहुंच जाऊंगी
मैं भी फिर इनकी तरह ही एक चित्र में समा जाऊंगी
मेरे साथ बिताई सुनहरी यादों को जानने का इच्छुक मेरे बाद कोई होगा या नहीं यह कहना या जानना मेरे लिए अभी मुश्किल है।
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