जीवन भी तो
एक यात्रा ही है
इसके आरंभ से लेकर अंत तक
न जाने हम कितने ही यात्रायें पूरी
करते हैं
कोई यात्रा सुखद होती है तो
कोई दुख का कारण भी बन जाती है
किसी भी सफर को तय करने के लिए
हमें कई पड़ावों से होकर गुजरना पड़ता है
हर कदम तय करते ही
दृश्य, वृतांत और अनुभव परिवर्तित
होते रहते हैं
किसी यात्रा पर निकलने से पहले
हम अपने घर में कैद होते हैं और
हमारे दिल और दिमाग
संकुचित अवस्था में होते हैं
यात्रा के दौरान ही हमारे
सोचने का दायरा विकसित होता है
हमें कुछ नया सीखने को मिलता है
हमारा चहुमुखी विकास भी होता है
ज्ञानवर्धन के साथ-साथ मनोरंजन भी
होता है
एक अच्छा जीवनयापन करने के लिए
यात्रा का अनुभव लेना
अति आवश्यक है
नये स्थान देखने से और
नये लोगों से मिलने पर
जीवन के प्रति हमारा एक नया दृष्टिकोण
विकसित होता है जो
किसी के जीवन को एक नई दिशा
देता है और
दिल में एक रोमांच की
अनुभूति भी जागृत करता है
कोई भी यात्रा
एक खिलते फूलों से लदी
गली से होकर गुजरने जैसी है
जिसमें कांटे भी होते हैं लेकिन
समय के साथ हमें इनसे
बचना भी आ जाता है।
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