यह रिश्तों का गणित


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मेरे सामने जो व्यक्ति विशेष है
उसका व्यवहार मेरे से ठीक नहीं है लेकिन
शायद औरों से ठीक हो तो
वह अच्छा है या बुरा
इसका निर्णय करने वाली
मैं कोई नहीं होती लेकिन
इतना तो तय है कि
उसके सामने पड़ने से गर
मैं असहज महसूस
करती हूं तो
कुछ तो असामान्य है
लोग तरह-तरह के होते हैं
कोई कितना भी अच्छा हो लेकिन
उसकी हर किसी से बन जाये या
उसे हर कोई अच्छा कहे
यह असंभव है
यह दुनिया बहुत बड़ी है और
लोगों की यहां कमी नहीं
यह किसी को समझ लेना चाहिए कि
उसकी किससे बनती है
यह रिश्तों का गणित बहुत
सरल है
उसके साथ यदि आपको
सामान्य महसूस होता है
आपके दिल की धड़कने नहीं
बढ़ती
आपको कोई तनाव नहीं होता
आपको उससे कुछ राहत के पल
प्राप्त होते हैं
कोई ज्ञान मिलता है
कुछ नया सीखने को मिलता है
वह आपको काफी हद तक
अपने से मिलता जुलता ही कहीं
लगता है तो
फिर ठीक है नहीं तो
क्या जरूरत है
पहाड़ से खाई में छलांग लगाने की
वह आप जैसा नहीं है
फिर भी उसकी भावनाओं का
सम्मान करें
अपने व्यवहार में कोई कमी न
होने दें
उसे कोई अपशब्द न बोलें लेकिन
उससे गर आपकी नहीं बनती है तो
अधिक से अधिक उसे
नजर अंदाज करें लेकिन
कभी किसी का अपमान न
करें क्योंकि
वह नहीं जानता कि आप उसको
नापसंद करते हैं
वह अपने अनुरूप ही व्यवहार
कर रहा है
यह समस्या आपकी अधिक
होती है कि
आप उसको पसंद नहीं कर रहे हैं।


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