किसी फूल के साथ
कांटो जैसा व्यवहार क्यों
क्या तुम्हें दिखता नहीं कि
जो तुम्हारी नग्न आंखों के समक्ष है
वह एक फूल है
तुम्हें न वह दिखता है
न उसकी सुंदरता मन को
भाती है
न उसकी कोमलता दिल को
छूती है
न उसकी सुगंध तुम्हारे
जीवन को सुगंधित करती है
न उसकी तटस्थता तुम्हें
प्रभावित करती है
न उसका तन्हा होने पर भी
उसका खुशी से लहराना
तुम्हें जो फूल का एक भी गुण नहीं
पसंद तो
तुम उसके पास आते क्यों हो
वह तुम्हारे पास कभी नहीं जाता है
तुम आते हो फिर
उसके साथ दुर्व्यवहार
करते हो
यह एक बहुत ही
अपमानजनक स्थिति है
फूल के लिए
उसे तुम मुरझाने से पहले ही
मार रहे हो
फूल तुमसे यह प्रश्न
करता है
मरने से पहले कि
तुम उसे जीने क्यों नहीं दे रहे
तुम आखिरकार यह कैसा अनर्थ कर
रहे हो और वह भी
बिना किसी विशेष कारण के।
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