इन वादियों ने मुझे दी आवाज तो


0

सर्द मौसम में भी
इन वादियों ने
मुझे दी आवाज तो
मैं इनसे मिलने दौड़ी चली आई
कोई जो बुलाये तुम्हें आदर से तो
उसके मोहब्बत भरे पैगाम को कभी
ठुकराना नहीं चाहिए
यह वादियां भी तो
खामोशी की चादर ओढ़े ही अक्सर
बैठी रहती हैं
इनमें भी तो
हलचल होती है
कभी कभार ही
अपने सा ही हसीन और
दिलकश नजारों का दीदार
जब भूले भटके करती है यह।


Like it? Share with your friends!

0

0 Comments

Choose A Format
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals