मेरी मातृभाषा हिंदी है जो
मेरे माथे की बिंदी है
मैं जब इसे बोलती हूं तो
गर्वित महसूस करती हूं
अपने विचारों को सर्वश्रेष्ठ तरीके से व्यक्त कर पाती हूं
आसमान की बुलंदियों को छूते हुए अपनी धरा की जड़ों, परंपराओं और इतिहास से जुड़ी रह पाती हूं।
मेरी मातृभाषा हिंदी है जो
मेरे माथे की बिंदी है
मैं जब इसे बोलती हूं तो
गर्वित महसूस करती हूं
अपने विचारों को सर्वश्रेष्ठ तरीके से व्यक्त कर पाती हूं
आसमान की बुलंदियों को छूते हुए अपनी धरा की जड़ों, परंपराओं और इतिहास से जुड़ी रह पाती हूं।
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