तुम्हें मेरी
इस पल की
आखिरी अलविदा लेकिन
हम फिर मिलेंगे
अवश्य मिलेंगे
यह असंभव है लेकिन
संभव करूंगी मैं
अपने अथक प्रयासों से
मैं तुम्हें अगले जन्म में
मिलूंगी
तुम्हें यादों के सायों की
रोशनी तले मिलूंगी
मैं तुम्हें सपनों की एक सुंदर
सेज पर मिलूंगी
मैं तुम्हें अपने घर के
हर कोने में तलाशूंगी
मैं तुम्हें इस संसार में सजे
हर मेले में खोजूंगी
मैं तुम्हें रेगिस्तान के
कण-कण में निहारूंगी
मैं तुम्हें हरी भरी वादियों में
तुम्हारा नाम लेकर पुकारूंगी
मैं तुम्हें इस प्रकृति के
हर रूप, हर रंग,
हर वस्तु में प्राप्त करूंगी
मैं तुम्हें फूलों में खिलता
देखूंगी
मैं तुम्हें सितारों में चमकता
पाऊंगी
तुम मेरे सूरज हो
तुम मेरे चांद हो
तुम मेरी दुनिया हो
कोई यह गहरी बात समझे या न
समझे लेकिन
कोई यह तो बताये कि
मैं तुम्हें जीते जी
कैसे भूल पाऊंगी।
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