सितारे संगीतमय होते हैं
तभी तो रोशनी के झिलमिलाते अंबारों से
जगमगाते हैं
जमीन पर खड़े होकर
इन्हें दूर से देखो
चाहे तो करीब जाकर
इन्हें छूकर भी देख लेना
लगते हैं बेशक खामोश लेकिन
भीतर से
मन ही मन
यह सुबह दोपहर शाम रात
हर प्रहर, हर पल
किसी की भी आत्मा को झंकृत करता
एक गीत गुनगुनाते हैं
एक काली घुप अंधियारी
रात में
जो हो सितारों के
सुरमई संसार से भरी
इन्हें देखना
किसी को तभी तो
इस कदर आत्मिक संतोष से भर
देता है
इनकी संगीत रचना और
जमीन पर विचरते
जीवों के मन की
वैचारिक श्रृंखलाओं में
एक गजब का तालमेल है
उनके मन के वाद्ययंत्र की
तारों से जो ध्वनि संगीत की
एक झरने सी फूटती है
वह सितारों के गीत संगीत की
शैली से हूबहू मेल खाती है
दोनों के बीच दूरी बहुत है लेकिन
दोनों संगीत के जैसे
बहुत बड़े विद्वान और
दोनों एक दूसरे के जैसे हों
हमशक्ल।
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