वे परिंदे थे लेकिन


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कहने को
वे परिंदे थे लेकिन
उनके भी अपने पसंदीदा साथी थे
तन्हा एक इंसान की तरह वे न भटकते थे
आकार में छोटे थे लेकिन
उनके दिल दिमाग बहुत बड़े थे
दिल में बेइंतहा मोहब्बत का महकता अंबार और
दिमाग में इंसानियत से भरे बेहिसाब जज्बात रखते थे।


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