जिंदगी के रास्तों में
कोई मोड़
ऐसा भी आता है
जिसके आगे कोई मोड़ नहीं होता
रास्ता बंद होता है
न आगे न पीछे
न दाएं न बाएं
आखिर में
यही एक विकल्प बचता है कि
या तो जमींदोज हो जायें
या फिर बहती हवाओं में
एक धुएं के गुबार से ही
घुल मिलकर
कहीं दूर वादियों में खो जायें।
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