यादें


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यादें

मेरे दिल में पलती

मेरी रग रग में लहू बनकर चलती

मेरी आत्मा के अक्स में बसती

मेरे अपनों की यादें

यह यादें न हों तो

कोई आखिर कैसे जियेगा

यादें तो मेरी हमसफर हैं

यह तो मेरा साया हैं

यह मेरा दर्पण हैं

यही तो मेरा तर्पण हैं

यादों की बैसाखियां न हों तो

मैं लड़खड़ाकर गिर पडूं

यह मुझ बेसहारे का

एक सहारा हैं

मेरे जीवन की डूब रही नैय्या का

एक किनारा हैं

यह मेरा आसमान में

चमकता एक सूरज हैं

चांद हैं

फूलों के नजारे हैं

सितारों के मयखाने हैं

यादें मेरा जीवन हैं

मेरे जीवन की वीणा पर

बज रही सुगंधित सांसो की

तार की एक कर्णप्रिय संगीत की

लय हैं

यादों का झरोखा

खोलते ही

मैं अपने बिछड़ों को

देख पाती हूं

उनसे मिल पाती हूं

उनसे बातें कर पाती हूं

उन्हें छू पाती हूं

उनका अपने करीब होने का

अहसास कर पाती हूं

यादें

मेरे दिल की वादी में

हर समय गुनगुनाती एक

गूंज हैं

जो मेरे वर्तमान को

मेरे अतीत से जोड़ने में

एक अहम भूमिका निभाती हैं

उन्हें आपस में जुड़वाने में

मिलवाने में

एक सेतु का काम करती हैं

मेरी यादों तुम मुझे सबसे प्रिय हो

मेरे दिल के सबसे करीब

मेरी सखा

तुम कभी धूमिल न पड़ना

न छोड़कर जाना कभी मुझे

नहीं तो बस मैं जी नहीं पाऊंगी

तुम्हारे बिना

मुझसे बेहतर तो तुम यह जानती

हो

मेरी हमदर्द

मेरी अपनों से अपनी

मेरे दिल को छूकर

निकलती एक तरंग

मेरी उमंग

मेरे जीवन के खाली कैनवास पर

भरती जो रंग

मेरी तूलिका

मेरी भावनाओं को उतारती

कागज पर वह

एक जादुई कलम

यादों तुम सदैव खटखटाती रहना

मेरे दिल का दरवाजा

तुम्हारे स्वागत को

मैं रहती आतुर

मेरा मन तुम्हारे दर्शन का प्यासा

मेरा तुम्हारे से यह रिश्ता अनमोल

मेरी यादों तुम मेरी आराध्य

तुम्हारे बिना

तुम्हारी चरणों की दासी का कोई नहीं

मोल।


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