मैंने सोचा था कि
तुम सूरज की तरह तेजस्वी होंगे और
चांद की तरह तन से शीतल व
मन से उज्जवल लेकिन
मैंने पाया तुम्हें क्रोध से धधकता
एक शोले उगलता आग का गोला
एक कठोर आवरण लिए
काल कोठरी सा काला
कोई निर्मोही व्यक्तित्व।
मैंने सोचा था कि
तुम सूरज की तरह तेजस्वी होंगे और
चांद की तरह तन से शीतल व
मन से उज्जवल लेकिन
मैंने पाया तुम्हें क्रोध से धधकता
एक शोले उगलता आग का गोला
एक कठोर आवरण लिए
काल कोठरी सा काला
कोई निर्मोही व्यक्तित्व।
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