खाली घर
खंडहर के समान
वीरान होते हैं
कोई उसमें रहने वाला हो
तभी यह आबाद होते हैं
यह दुनिया कोई छोड़ दे तब भी
लोगों के लबों पे
फूलों के महकते गुलिस्तां
कहां विराजमान होते हैं।
खाली घर
खंडहर के समान
वीरान होते हैं
कोई उसमें रहने वाला हो
तभी यह आबाद होते हैं
यह दुनिया कोई छोड़ दे तब भी
लोगों के लबों पे
फूलों के महकते गुलिस्तां
कहां विराजमान होते हैं।
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