तुम मेरे दिल की धड़कन में,
मेरी आत्मा के अक्स में और
मेरे जिस्म की शिराओं में बहते लहू में
बसते हो
मैं एक पल के लिए भी तुम्हें भूला नहीं सकती
तुमसे जुड़ी जो भी यादें या सामान है
उन्हें मैं अपनी जान से बढ़कर
संभाल कर रखती हूं
यह चीज़ें किसी कारण मेरे हाथों से
निकल भी जायें तब भी
तुम्हें भूला पाना तो नामुमकिन है
तुम्हारे जाने को मैं रोक नहीं सकती थी लेकिन
इन चीज़ों को जब तक मेरे बस में होगा
मैं कहीं जाने से रोक ही सकती हूं
जैसे-जैसे समय बीतता है
यादें धूमिल नहीं पड़ती बल्कि
यह तो जीवित आत्माओं सी
चारों तरफ कुछ ज्यादा ही
मंडराने लगती हैं
अतीत जागृत अवस्था में
आ जाता है
ऐसा महसूस होता है कि
कोई भी कहीं मुझे छोड़कर गया नहीं
सब कुछ मेरे पास है
मेरे हाथों में है
मेरे नियंत्रण में है
तुम्हारी चीज़ें तुम्हें जिंदा रखती हैं और मुझे मरने नहीं देतीं।
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