एक सच्चा प्यार तो वह है जो


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प्यार में
तकरार हो तो
सुलह जल्दी होनी चाहिए
रिश्ते में कोई दरार नहीं आनी चाहिए
पहले की तरह ही
उसे बरकरार रहना चाहिए
पहले से ज्यादा उसे मजबूत होना चाहिए
पहले से बेहतर
पहले से परिपक्व
बचकाना नहीं बल्कि
समझदार
साफ सुथरा
सुलझा हुआ
एक दर्पण की तरह पारदर्शी
एक मासूम बच्चे के दिल सा ही
छल कपट रहित
एक जिस्म में आती जाती सांस
की तरह ही
जीवन को एक अर्थ देता हुआ
उसे सार्थक करता हुआ
उसे एक मनचाहा आकार देकर
जीने लायक बनाता हुआ
वह रिश्ता प्यार भरा हो ही
नहीं सकता जो
किसी कारण हुए झगड़े से
एक झटके में टूट जाये
एक सच्चा प्यार तो वह है जो
सारी बाधायें पार करता हुआ
एक दूसरे को सहारा देता
एक दूसरे को प्रेरित करता
साथ मिलकर
एक जीवन का कठिन सफर तय करता
मोहब्बत की हसीन मंजिल को पाये।


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