मैंने पूछा अपने अंतर्मन से कि
ऐसा कौन सा फूल है जो
समय के साथ मुरझाता नहीं बल्कि
महकता हुआ और अधिक खिलता है
भरपूर खिलता है
एक यौवना की माफिक
उसका मादकता भरा सौंदर्य जैसे कि
उसके अंग अंग से छलकता है
कुछ देर सोचकर
भीतर से उत्तर आया कि
किसी की यादों का फूल
यह बिल्कुल सच है
समय के दरिया संग
सब कुछ बह जाता है
कुछ शेष रहता है तो
किसी की दिल में बसी
यादों का एक महकता हुआ
गुलिस्तां ही।
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