अपूर्णता पूर्णता से अधिक सुंदर है


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कोई हो या न हो
मैं तो खुद को
पूरी तरह से अपूर्ण मानती हूं
तभी तो पूर्णता को निरंतर पाने की
चेष्टा करते रहना
मेरे जीवन का एक लक्ष्य है
यह तो मुझे किसी के बिना बताये
अच्छी तरह से मालूम है कि
कभी कोई व्यक्ति पूर्णता को
प्राप्त नहीं कर सकता
हां यह अवश्य है कि वह
कुछ हद तक पूर्णता के समीप पहुंच पाये लेकिन
एक लंबे समय तक वह फिर वहां
टिक नहीं सकता
वह फिर अपूर्णता की तरफ ही
पीछे की ओर वापिस लौटेगा
वह पूर्णता और अपूर्णता के दो
बिंदुओं के बीच
सारी उम्र झूलता ही रहेगा
आप कभी खुद को पूर्णता के
अपने बहुत करीब होने का अहसास
करने भी लगें तो
यह दुनिया आपको इस सुख का
अनुभव कहां लेने देगी
वह तत्काल प्रभाव से आपको
खुद में अपूर्णता का अहसास कराने के लिए
बाध्य करने लगेगी
अपूर्णता वैसे देखा जाये तो
पूर्णता से अधिक सुंदर है
इससे कोई किसी की आंख की
किरकिरी भी नहीं बनता
उसे दुनिया की नजर भी
नहीं लगती
वह एक बेहतर जिंदगी जी पाता है
अपने सपनों की मंजिल को पाती हुई
अब शून्य को लो
यह अपने आप में पूर्ण है
दुनिया की नजरों से देखने पर
चाहे नहीं हो इसका कोई मोल
चांद की तरफ देखो
इसमें दाग हैं पर
लगता है बहुत ही सुंदर और
आकर्षक
आसमान जो नीला हो
बिना सफेद बादलों का तो
पूर्ण होते हुए भी
बेरंग लगेगा
ऐसा लगेगा जैसे एक ही रंग मिला है
इसे खुद को ढकने के लिए
पूर्णता में अपूर्णता है और
अपूर्णता में पूर्णता
यह रहस्य तो किसी की आंख में
छिपा है कि
देखने वाले को किस चीज में रंग दिखता है और
उसे क्या लगता है बेरंग, बदरंग या बेदम।


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