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मेरे पिता मेरे लिए मेरी दुनिया थे

मेरे पिता

मेरे लिए मेरी दुनिया थे

उनके भौतिक रूप से उपस्थित न

होने की स्थिति में अब

मैं उनके साथ गुजरे लम्हों को

हर लम्हा दोहराती रहती हूं

उनका स्मरण व

उनका मनन करती रहती हूं

उनकी आवाज मेरे कानों में गूंजती है

रात भर मेरे सपनों में वह

एक पल के लिए भी मेरा साथ नहीं छोड़ते

सपनों के सफर में उनक साथ

मेरे दिन भर की यात्रा आसान बना देता है

मेरे पिता मुझे मेरी जान से भी अधिक प्यारे थे

उनके गुणों की व्याख्या कर पाने के लिए 

मेरे शब्दकोश के सारे शब्द कम पड़ जायेंगे

उन्होंने मुझे सदैव इतना प्यार,

इतना आदर,

इतना सम्मान दिया कि

मैं कभी उनके इस ऋण को

चुका नहीं पाऊंगी

मैंने भी लेकिन दिल खोलकर

अपने पिता को हमेशा प्रेम किया

इतना अधिक प्रेम किया कि

भगवान से ऊंचा दर्जा उन्हें दिया

मां से बढ़कर उन्हें चाहा

वह थे ही ऐसे

कोई एक बार उनसे मिल ले तो

मेरा दावा है कि कभी

उनकी वाणी और व्यवहार की मिठास को

आजीवन भुला नहीं सकता था

वह मेरे पिता थे

इस कारण नहीं लेकिन

यह एक शाश्वत सत्य है कि

अपने जीवन में मैंने उन जैसा

अच्छा व्यक्ति आज तक नहीं देखा और अब तो शायद आगे

ऐसा कुछ होने की संभावना भी

नहीं दिखती

उनके प्यार से पर शुक्र है कि मेरे दिल का कुआं इतना भरा हुआ है कि

मेरे जीवन की आखिरी सांस तक यह एक छटांक भी 

कभी कहीं से खाली या खत्म नहीं होगा।