ज़िंदा होने का शक


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ख़ामोश रहने से दम घुटता है,
बोलने से मुँह पर बेअदबी का तमाचा पड़ता है।
मोहब्बत करने वालों को यह दुनिया मजबूर करती है कि वे मोहब्बत न करें,
सितम पर सितम इतना ढाते हैं लोग कि किसी ज़िंदा आदमी को खुद पर शक होने लगता है कि वह जब मर चुका है तो आखिर साँस कैसे ले रहा है।


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