हर दिन करती अपने अरमान पूरे


0

पति परमेश्वर
मुझे आज तुम एक घड़ी लाकर दो
घड़ी बाजार से नहीं
जिस देश में हम रहते हैं
उसके बड़े से बड़े शहर की
किसी दुकान से नहीं बल्कि
घड़ी मुझे तुम विदेश से
लाकर दो
घड़ी ऑनलाइन आई तो
मैं तुमसे नाराज हो जाऊंगी
सीधा हवाई जहाज का टिकट
कटवायो
वहां जाकर किसी पंच सितारा
होटल में रुको और
जो घड़ियों के निर्माता हों
उनसे सीधा संपर्क साधकर
घड़ी खरीदो
घड़ी कोई साधारण नहीं बल्कि
सोने की होनी चाहिए
उसमें हीरे भी जड़े होने चाहिए और
तुम्हारी पूंजी का एक बड़ा
हिस्सा उस पर खर्च हो जाना
चाहिए
तुमने आज के मेरे इस
सपने को साकार नहीं किया तो
आने वाले समय में
यह भूल जाओ कि
हम दोनों के बीच
कभी कोई रिश्ता भी था
कौन सा प्यार
कैसे संस्कार
मुझे तो है बस पैसे से प्यार
मैं अहंकारी
मैं व्यापारी
मैं आज के युग की
एक सफल नारी
हर दिन जो करती हूं
अपने अरमान पूरे
वह भी दूसरे की कमाई से
ऐसी औरत के
शातिरना अंदाज के
क्या कहने
हर किसी का सिर जो झुकवा दे
अपने चरणों में
तभी तो उसके दिमाग में
बसे शैतान की आत्मा
तृप्त होगी
ऐसा न होने पर तो
बेचारी आत्मदाह ना कर लेगी।


Like it? Share with your friends!

0

0 Comments

Choose A Format
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals