मेरा घर


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मेरा एक छोटा सा और
प्यारा सा घर है
वह मुझे इसलिए भी प्यारा है क्योंकि
मेरा जन्म इसी घर में हुआ
मेरा बचपन इसी घर में बीता और
मुझे मेरे मां-बाप का
भरपूर स्नेह और सानिध्य भी
इसी घर में मिला
इस घर के जर्रे जर्रे में बसी हैं
मेरे अपनों की यादें
मेरे उनके साथ बिताये हुए
अनमोल पल
मेरे अतीत के धुंधले पड़ते हुए
पदचिन्ह
मैं समय के गुजरने बहाव में एक पल-पल बुझता
हुआ दीपक हूं लेकिन
इस घर में मेरे दिल में स्थापित
सूरज, चांद, सितारें
आज भी उतने ही रोशन हैं
जितने यह कल थे
यह पड़ेंगे कभी न धूमिल क्योंकि
मेरा घर
एक रोशन सवेरा है
एक रोशनी का अंबार है
एक रोज सुबह उगती
हंसती हुई आशाओं का समुन्दर है।


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