मेरे अभिभावकों ने
जो परंपराएं मुझे सिखाईं
वह अंधविश्वास पर आधारित न होकर
तर्क पर आधारित हैं
मैं उनका बखूबी पालन करती हूं और
उनसे लाभान्वित होती हूं
परंपराएं समय के साथ विकसित होती रहती हैं लेकिन
इनकी जड़ें अतीत में होती हैं
यह पुरानी पीढ़ी से नई पीढ़ी को सौंपी जाती हैं
यह सामाजिक व्यवहार में एकरूपता लाती हैं
मेरा जब जन्म हुआ तो
परिवार के हर सदस्य ने मेरा स्वागत
किया लेकिन सादे तरीके से
खानदान में पहला बच्चा लड़की हुई लेकिन
इस बात को लेकर
कहीं कोई निराशा नहीं
मृत्यु होने पर
हमारे यहां सरलता से ही
हर कार्य को निपटाया जाता है
नामकरण संस्कार में भी
कहीं किसी पंडित का
सहारा नहीं
जो जन्मतिथि के हिसाब से
उपयुक्त लगा
वही नाम रख दिया गया
हर किसी का नमस्ते कहकर
अभिवादन करना
उसका गर्मजोशी से स्वागत करना
किसी भी आगंतुक को भगवान
समझकर उसका सत्कार करना
वह पलटकर इसके बदले में कुछ करे या न करे
इसे अनदेखा कर
अपना व्यवहार ठीक रखना
किसी से कोई इस संदर्भ में
होड़ न करना
किसी से उमड़कर बोलना
बड़ों का सम्मान और छोटों से प्यार
संयुक्त परिवार में कैसे
सबसे निभाकर चलना है
यह सब खून में रच बस गया है
मेरे छोटे भाई ने पिताजी का ही
परंपरागत व्यवसाय अपनाया
वेशभूषा के नाम पर
ऐसे वस्त्र धारण करना जिससे
शरीर ढका रहे
कहीं कोई अभद्रता न लगे
दूसरों की भावनाओं का ख्याल
करना जैसे कि
कहीं किसी जानकार की मृत्यु होने पर
दिल से शोक मनाना
कोई मनोरंजन का साधन उस समय प्रयोग
न करना
कोई सो रहा है तो शोर न
करना
कोई भी त्योहार सादगी से
मनाना
संगीत, कला, नृत्य जैसी
कलाओं में रुचि लेना
इस तरह की परंपराएं
अपनाने से ही तो
किसी समाज या परिवार की पहचान
बनती है जो लोगों को
एक साथ बांधती है।
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