पिछले संडे की ही तो बात है। सड़क से गुजरते मेरे कानों ने कुछ सुना। पलटकर देखा तो एक कम उम्र का लड़का किसी मकान की दीवार से अपनी बाइक सटाकर उसकी सीट पर बैठा मोबाइल पर अपने दोस्त को तेज स्वर में कह रहा था, 'मैंने पूजा के लिए अपने घर परिवार सबसे लड़ाई झगड़ा कर लिया। अब वह है कि मेरे प्यार को ठुकरा रही है।"
यह बातें आजकल आमतौर पर बेशक एक बड़ी तादाद में घटित हो रही हैं लेकिन सोचने पर मजबूर करती हैं कि पढ़ने लिखने और जीवन में कुछ मुकाम हासिल करने की उम्र में हमारी युवा पीढ़ी किस गर्त में जा रही है।
एक लड़की जो घर में प्रवेश पाने से पहले ही लड़के से उसके परिवार का संबंध विच्छेद करा रही है, ऐसी लड़की से कोई भी रिश्ता जोड़ने का औचित्य ही क्या है।
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