दिल में आकाश सी विशालता हो तो


0

दिल में आकाश सी विशालता हो तो
यह संपूर्ण दुनिया अपना घर प्रतीत होती है
यह दिल फिर सबसे एक समान भाव से प्रेम करता है
सबका भला चाहता है
किसी को हानि नहीं पहुंचाता है
सबकी तरक्की, खुशहाली और विकास के लिए प्रार्थना करता है
किसी का भी नुकसान उसके हृदय को चोट पहुंचाता है
सारे जगत में वह बस शांति का परचम लहराता है।


Like it? Share with your friends!

0

0 Comments

Choose A Format
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals