खामोश रहना
केवल लबों को सी लेना भर नहीं है
मन रहे न विचलित
हो जाये यह एकाग्रचित
इसमें न हो कोई हलचल
बन जाये यह साधक
मौन हो जाये यह भी
तब ही खामोशी का कुछ अर्थ है
अन्यथा कुछ भी नहीं।
खामोश रहना
केवल लबों को सी लेना भर नहीं है
मन रहे न विचलित
हो जाये यह एकाग्रचित
इसमें न हो कोई हलचल
बन जाये यह साधक
मौन हो जाये यह भी
तब ही खामोशी का कुछ अर्थ है
अन्यथा कुछ भी नहीं।
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