क्रिसमस केक
बाजार से खरीदा हुआ न हो
घर में उसे बनाया गया हो और
वह भी मां के हाथों से तो
कहने ही क्या
यह फिर खाने में स्वादिष्ट होगा
बेशक हो बिना किसी सजावट के
मोमबत्तियों को न जलाकर
इसे तारों की टिमटिमाती रोशनियों में
खुले आकाश के तले
एक रोशनी भरे खिले चांद के संग जो
सब मिलकर खायेंगे तो
इस बार
यह क्रिसमस का त्योहार
इस मां के हाथ के बनाये
क्रिसमस केक के साथ
बन जायेगा रोशनी भरा
मां के प्रेम और आशीष की मिठास घोले
कुछ ज्यादा ही स्पेशल।
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