मेरी दीवानगी रहती है बरकरार


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आप मेरे करीब हों या
न हों
इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता
मेरी आपके प्रति
दीवानगी रहती है हरदम
बरकरार
कुछ तो ऐसा है जो
औरों से हटकर
आप में है कुछ थोड़ा बहुत नहीं बल्कि
शायद कुछ जरूरत से ज्यादा ही खास
क्या है आप में खास
यह मैं अंगुलियों पर अपनी
गिनवा नहीं सकती
बस आप मुझे लगते हैं अच्छे
आपसे बनी रहती है
इस जिंदगी को जीने की आस
अब तक के सफर में
एक भी ऐसा लम्हा नहीं जो
आपके साथ बिताना
मुझे नागवार गुजरा हो
आपका साथ हो
चाहे हो आपकी याद
चाहे हो आपकी बात
चाहे हो आपसे जुड़े ख्वाब
चाहें हों आप कहीं और
न हों मेरे साथ लेकिन
आपका कहीं भी मेरे अंतर्मन में
होना भर
मुझे खुद में
एक बहुत खास होने का अहसास देता है
ऐसे लोग खास ही होते हैं
जो किसी के दिल को छूकर
गुजरते हुए उसकी रूह में
एक फूल की खुशबू से
हमेशा के लिए कैद
होकर बसते हैं
सांस लेते हैं
जीते हैं
खुद भी महकते हैं
वह खास लोग
हरदम दूसरों को भी
महकाते हैं।


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