सुन ओ रेलगाड़ी


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तू उतरे जो न पटरी से और

किसी हादसे को अंजाम न दे तो

सुन ओ रेलगाड़ी

तू मुझे इस दुनिया की सबसे प्यारी चीज

लगती है

मैं चाहे तुझे दूर से जाती देखूं

चाहे अपने पास से गुजरती देखूं

किसी पुल से खड़ी नीचे झांककर तेरा

आना या जाना देखूं या

कोई दिन शुभ हो तो

तेरी गोद में बैठकर तेरे साथ

एक मंजिल तक का सफर तय करूं

तू मुझे एक खिलौना सी

जीवन से भरी भरी

एक अपनी सहेली सी लगती है

तुझे देख मेरा मन स्फूर्ति से भर जाता है

जीवंत हो जाता है

एक उमंग से भर जाता है

जी में आता है

तेरी तरह ही सीटी बजाती

मैं तेरे साथ ही  

इन जीवन के टेढ़े मेढ़े रास्तों की

विपदाओं को पार करती

एक पतंग सी बन कर

हवाओं संग इत उत डोलूं।


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