हाईवे पर
यात्रा करने का
अपना एक अलग ही मजा है
इसकी चिकनी देह पर
वाहन फिसलता ही चला जाता है
कई बार उत्तेजना में
स्पीड बढ़ाने से
मंजिल तक न पहुंचकर
बीच रास्ते ही
कोई दुर्घटना का शिकार हो जाता है
रोमांच का भरपूर लुत्फ उठाना चाहिए लेकिन
स्वयं पर नियंत्रण रखकर
हाईवे पर कोई दुर्घटना घटित हो जाये तो
लंबे जाम भी लग जाते हैं
यह अधिकतर एक सुखद अनुभूति प्रदान करता है लेकिन
कई बार त्रासदी भी झेलनी पड़ती है
मौसम की मार भी इन राजमार्गों पर कुछ ज्यादा ही झेलनी पड़ती है मसलन
कोहरा शहर की घनी आबादी में इतना परेशान नहीं करेगा जितना कि इन बड़ी, खुली और चौड़ी
सड़कों पर
प्राकृतिक सौंदर्य, समीप से गुजरती गाड़ियां, बाग बगीचे,
खेत खलिहान, ढाबे भोजनालय आदि
सब कुछ रोमांचक है बशर्तें
हर कदम पर
सावधानी बरती जाये तो ही
हम यह कोशिश तो कर ही सकते हैं कि
हम कोई गलती न करें लेकिन
किसी अन्य के कारण यदि हम दुर्घटनाग्रस्त हो जायें तो
यह तो फिर किसी का दुर्भाग्य हुआ
हाईवे पर यात्रा आरंभ करने से
पहले
प्रभु का स्मरण करें और
थोड़ा सा नियंत्रित होकर
आहिस्ता आहिस्ता,
हौले हौले,
धीरे-धीरे,
छोटे-छोटे कदमों,
कम स्पीड से ही रास्ता तय करें ताकि
अपनी मंजिल तक सकुशल पहुंच सके।
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