इंसान का दिल भी
न जाने क्या बला है
जब देखो धड़कता रहता है
न जाने क्या-क्या
पाने के लिए
चाहे हो वह कितना ही
असंभव क्यों न
मचलता रहता है
वह आदमी समझदार है जो
यह भेद भली भांति समझ जाता है कि
जो कुछ वह पाने की
हसरत रखता है और
हकीकत में उसे फलीभूत नहीं
कर पाता तो
एक बहुत सरल उपाय है कि
सपनों में उन
अधूरे कार्यों को पूरा करो
उन तमन्नाओं को एक साकार
रूप दो
उस आसमान के
चांद को छू लो
जहां तक पहुंचना तुम्हारे लिए
नामुमकिन है
सपनों में
अपनी कल्पनाओं को
एक मनचाहा आकार दो
सपनों को अपने जीवन का
आधार बना लो
अपना साथी बना लो
अपनी ताकत बना लो
सपने को बोझ बिल्कुल मत
समझो
हकीकत में
यह न हों पूरे तो
कोई अफसोस मत करो
सपनों की एक रंगीन दुनिया
बनाओ और
जो भी पाना चाहते हो
उसे पा लो
सपने देखने से तुम्हें कौन
रोकता है
किसमें है इतनी
हिम्मत कि
वह बढ़कर तुम्हारा हाथ पकड़
तुम्हें सपने देखने से रोकता है
सपनों में अपनी मनचाही
मंजिल हासिल करो
यथार्थ में रास्तों पर भी
दर-दर भटकने का कष्ट न
करो।
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