एक परी थी


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एक परी थी

उसने धरती पर

एक राजा के घर मानव रूप में

जन्म लिया

वह एक सुंदर कन्या थी

उसकी एक छोटी बहन थी

वह भी एक परी के समान ही

कोमल दिल की थी

एक दिन परी को न जाने क्या सूझा

उसने अपनी छोटी बहन से पूछा कि

वह परी कथा की किसी परी से

सच में मिलना चाहेगी

उसने हामी भर दी

उसने उसे आंखें बंद कर

परी का इंतजार करने के लिए कहा

मां की चमकीली रंगीन नीली

साड़ी पहन वह नील परी बन

उसके सामने प्रकट हो गई

छोटी बहन को आंखें खोलने के लिए

कहा

छोटी बहन अपनी बहन को परी के

रूप में पहचान नहीं पाई और

उसे परी मान कर उससे अपने

दिल की ढेर सारी बातें करी

परी ने उसे फिर आंखें बंद करने के लिए कहा और

अगली मुलाकात का वादा कर

वह परी लोक की तरफ

वापिस उड़ गई।


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