घर से बाहर निकलकर
कहीं भी चले जाओ
लौटना फिर घर पर ही है
और फिर एक दिन ऐसा भी कि
यह घर
यह दुनिया
यह रिश्ते नाते
यह जिंदगी
यह सब कुछ यहीं छोड़कर
भगवान के पास पहुंचना है।
घर से बाहर निकलकर
कहीं भी चले जाओ
लौटना फिर घर पर ही है
और फिर एक दिन ऐसा भी कि
यह घर
यह दुनिया
यह रिश्ते नाते
यह जिंदगी
यह सब कुछ यहीं छोड़कर
भगवान के पास पहुंचना है।
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