मैं अपने वालिद के पदचिन्हों पर चलती हूं


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मैं अपने वालिद की

हर बात से

हमेशा से

बचपन से

एक लंबे समय से प्रभावित रही हूं और 

उनकी कही हर कथनी का अनुसरण आंख मूंदकर करती हूं

मैं उनके बताये मार्ग पर चलती हूं

वह आगे आगे

मैं उनके पीछे-पीछे

मैं उनके पदचिन्हों पर चलती हूं  

और अपनी आखिरी सांस तक

चलती रहूंगी

उन्होंने जीवन जीने की जो मुझे कला सिखाई

मुझे जो भी पाठ पढ़ाये

जो कुछ सीख दी

वह मेरे हमेशा,

मेरे जीवन के हर मोड़ पर काम आई

मुझे उन मूल्यों को अपने मन में

उतारकर कभी कोई हानि नहीं हुई

हमेशा सफलता मिली

खुशी मिली

हर समस्या का समाधान मिला

जटिलता में भी सरलता को तलाशने का एक रास्ता मिला

जीवन से संबंधित सारे पाठ

छोटे-छोटे लेकिन तादाद में बहुत होते हैं 

इन्हें उम्र के आखिरी पड़ाव तक सीखना पड़ता है

कभी भी कोई खुद को पूर्ण रूप से अनुभवी मानने की भूल न करे

जिससे भी जहां कहीं कुछ नया या अच्छा सीखने को मिले

सीख लेना चाहिए

मन में कोई संकोच नहीं होना चाहिए 

हमेशा एक शिष्य की तरह हर किसी को अपना गुरु या 

मार्गदर्शक मानते हुए उसके जीवन से संबंधित विविध अनुभवों को

अपने अनुभवों की सूची में जोड़ने की चेष्टा निरंतर करते रहना चाहिए।


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