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जीवन के विद्यालय में

जिन्दगी का काम ही है

सबक सिखाते रहना और

हम लोगों का काम है

उसे सीखते रहना

समझते रहना

उनको अपने जीवन के दर्पण में

उतारते रहना

उनका अपनी दिनचर्या में

प्रयोग करना

उनसे अपने जीवन को

पहले से अधिक

सुचारु रुप से चलाना

जिन्दगी के सबक सिखाने के

काम का कभी अंत नहीं होता

इसका समापन होता है

किसी का जीवन समाप्त होने पर ही

यह सबक सीखने सिखाने का

सिलसिला जीवनपर्यंत चलता है

इस जीवन के विद्यालय में एक बार जो

दाखिला ले लिया तो विद्यार्थी का नाम

उसके जीवन रहते तक नहीं कटता।