मैं तो उड़ रही खुले आसमान में
मैं जमीन पर चल या दौड़ नहीं रही एक फूल की अधखिली परछाइयों सी मैं तो उड़ रही खुले आसमान में पंख फैलाए एक मुस्कुराते...
मैं जमीन पर चल या दौड़ नहीं रही एक फूल की अधखिली परछाइयों सी मैं तो उड़ रही खुले आसमान में पंख फैलाए एक मुस्कुराते...
रोशनी का कई बार एक संसार तो होता है पर कुछ पल का क्षणिक अगले ही पल डूबता हुआ एक नई सुबह एक नये सूरज...
चिड़िया नहीं हो फिर भी एक चिड़िया की तरह पंख फैलाकर आसमान में उड़ने के ख्वाब देखो आसमान की ऊंचाइयों तक न पहुंच पाओ तो ...
अंधकार से जा रहा हूं रोशनी की तरफ काश इस बार यह रोशनी हमेशा के लिए मिले मुझे इस सफर में कितने लोग, कितनी घटनायें,...
रोशनी की एक लौ हूं मैं अंधेरा होने पर ही ज्यादा चमकती हूं अस्तित्व मेरा उभरकर आता है एक चमकते शीशे सा अंधकार की एक...
निराशा भरी बातें न करो मुझसे कि मुझे घुटन सी होती है आशा की कोई एक किरण तो लहराओ मेरी आंखों के दर्पण के समक्ष...
एक चित्र बनाने की कोशिश कर रहा हूं जो बने मेरे मन के रंग सा मेरी इच्छा के अनुरूप मेरी पसंद का यह मेरा जीवन...
दुख की घड़ी में जब सांत्वना देने वाला कोई नहीं था तो मैंने खुद से ही दोस्ती कर ली खुद का हाथ थाम लिया खुद...
जिस जगह से चलती हूं आगे की तरफ बढ़ती हूं घूम फिर कर बार बार फिर वहीं क्यों पहुंच जाती हूं इस जीवन का अंत...
तुम मुरझाओ तो एक बार पर खिलो बार बार पल पल मुरझाते रहने का जीवन में कोई औचित्य नहीं है।
शिक्षा, विकास, दुनिया से जुड़ाव जो पहुंचा अपने गांव तक तो दौड़ी लबों पर एक खुशी की लहर चेहरे फूलों से खिल गये अंधकार में...
दिल मेरा तुम्हारे लिए खिला था एक फूल सा तुमने तो उसे पहली दफा पहली नजर देखने पर ही कांटा समझ लिया स्वीकार नहीं करना...