रोशनियों के सफर में
सांझ हो चली है सूरज जो दिन भर बना रहा मेहमान आहिस्ता आहिस्ता आसमान से विदाई ले रहा है यह रोशनी धुंधलाते हुए पूरी तौर...
सांझ हो चली है सूरज जो दिन भर बना रहा मेहमान आहिस्ता आहिस्ता आसमान से विदाई ले रहा है यह रोशनी धुंधलाते हुए पूरी तौर...
मैं हार नहीं रही पर मैं जीतना भी नहीं चाह रही मैं नाराज नहीं हूं पर मैं तुमसे कोई बातचीत करना नहीं चाह रही मैं...
पेड़ घनेरे तेरी जुल्फों से दरख्त के तने तेरे तन की एक सुंदर आकृति से हर मौसम एक उत्सव सा मन जाये साथ जो इस...
सर्द रात है तन्हाई का आलम है बेबस यह दिल है मोहब्बत से भरा यह एक घर है पर खाली है इसका हर कमरा हर...
हवा चल रही है किसी पेड़ के एक पत्ते को आसमान में एक पतंग सा उड़ाने के लिए।
राम के नाम का किया सदियों तक जाप तब कहीं जाकर इस युग की एक स्वर्णिम बेला के अवसर पर मिले सजीव रूप में भगवान...
राम तुम हो श्याम भी, राधा भी जीवात्मा भी।
किसी भी मनुष्य या प्राणी के लिए उम्मीद की डोर अति आवश्यक है अपनी जीवन रूपी पतंग को उड़ाने के लिए डोर छोटी हो या...
सूरज जलता हुआ दिखता है पर उसका चित्त शांत होता है उसके मन में असीम शांति भरी होती है उसकी देहरी पर प्रभु के दिव्य...
इच्छाओं का अंत हो जाये तो यह जीवन सरल हो जाये सहजता के साथ फिर इसे कोई जी ले इसके होने का अर्थ सार्थक हो...
यह टूटा हुआ दिल लेकर कहां जाया जाये चलो किसी मंदिर में ही जाकर कोई एक राम की आस्था का दीपक जलाया जाये।
किसी मेहमान का मेरे घर आना पिछले कुछ समय से मुझे अच्छा नहीं लग रहा इसके पीछे का कारण स्पष्ट कर दूं कि मेरा घर...