कल रात चांद आसमान में नहीं था
कल रात जो देखा वह कोई सपना था या कोई सुंदर सुनहरा सच चांद आसमान में नहीं था वह मेरे साथ मेरे शयनकक्ष में मेरे...
कल रात जो देखा वह कोई सपना था या कोई सुंदर सुनहरा सच चांद आसमान में नहीं था वह मेरे साथ मेरे शयनकक्ष में मेरे...
सुबह कमरे की खिड़की से बाहर झांका तो देखा कि चारों तरफ धुंध की चादर फैली थी सर्दियों की सुबह थी दिसंबर महीने की तो...
दिनभर सूरज की तरह बनने का प्रयत्न करो और रात के चांद का दिन के सूरज का सांझ को ढलने के पश्चात इंतजार करो रात...
ऐसी भी अपनी जीवन संगिनी की क्या गुलामी कि सारे रिश्तों का गला ही रेत दिया सबको मौत के घाट उतार दिया इस रूपवती की...
जिंदगी की कहानी वही पुरानी कभी लगे रूहानी कभी सुहानी कभी डरावनी दोस्त तो कभी दुश्मन सी।
कोई अजनबी नहीं यहां एक मैं ही खुद से अजनबी हूं यहां राह चलते किसी नये मुसाफिर से मिलने पर उसकी न पिछली न ही...
मेरा नायक पूरे का पूरा नायक है वह कहीं किसी कोने से एक प्रतिशत भी खलनायक नहीं वह पहली नजर में जैसा था वैसा ही...
यह लाल रंग के फूल आज सूरज की नारंगी रोशनी में उसकी लालिमा लिए आग के जलते हुए लाल अंगारे चारों तरफ गुलशन की फिजाओं...
नये साल के पहले दिन हर कोई खुशियां मना रहा है लेकिन एक मैं हूं कि मुझे जैसे हमेशा ही होता है हर समय, हर...
सूरज हो या दीपक दोनों का है मकसद एक अंधकार को दूर कर सबके जीवन में प्रकाश फैलाना सूरज न बन पाओ तो एक दीपक...
कई बार सोचती हूं कि एक फूल फूल क्यों होता है एक पत्ता पत्ता क्यों होता है एक कांटा कांटा ही क्यों होता है यह...
अपेक्षा करती हूं मैं हर किसी से कि वह जीवन के हर मोड़ पर मेरे काम आयें मुझे अपनायें मुझे गले से लगायें मेरे से...