हमारी प्रेम कहानी
फूल जब खिल रहे हैं हमारे घर के उपवन में तो हमारे दिल की बगिया में फिर प्रेम के फूल क्यों न खिलें लब वही,...
फूल जब खिल रहे हैं हमारे घर के उपवन में तो हमारे दिल की बगिया में फिर प्रेम के फूल क्यों न खिलें लब वही,...
सोचती तो यही थी कि भगवान मुझ पर तो रहेगा हमेशा मेहरबान और नहीं छूटेगा मेरे हाथों से कभी मेरे अपनों का हाथ लेकिन वक्त...
इधर देखो और समझो यह लैपटॉप एक मनोरंजन का साधन मात्र नहीं अपितु ज्ञान का भी एक अपार भंडार है एक चलती फिरती लाइब्रेरी है...
जब जब मैंने अपना हाथ बढ़ाकर गुलाब को तोड़ने की कोशिश करी वह गुलाब तो हाथ कभी नहीं लगा हां उसका कांटा हमेशा मुझे चुभा...
युद्ध भी आवश्यक है किसी भी स्तर का पर कभी कभार बीच बीच में अपनी बात को सबके समक्ष रखने के लिए अपने मन की...
मैं एक मछली हूं जल के भीतर ही रहती हूं यह जल ही मेरा घर है एक बहुत विस्तृत इसका क्षेत्रफल है जब जल में...
भगवान के घर से आज मेरे पास डाकिया आया है मेरे मां बाप का एक पत्र मेरे नाम वह लेकर आया है पत्र मेरे हाथों...
मैं शहर के पास ही सटे हुए एक गांव में जाती हूं शहर के शोर, भीड़ भाड़ और प्रदूषण से बचने के लिए गांव की...
बचपन में कथाओं में दैत्य, राक्षस एक बड़ा ही कुरूप और भयावह प्राणी मिला करते थे यह अनुभव बचपन की कहानियों तक ही सिमटकर रह...
चमेली की सुगन्ध जो मुझमें भरी मैं भी चमेली का एक फूल बन गई चांदनी रात का साथ पाकर एक रोशन चांद सी ही दिल...
तारों भरी रात है बिना चांद की चांद उतर गया आसमान से और बैठ गया जाकर जमीन पर विचर रही चांदनी के दिल में चांदनी...
नदी चाहे तुम हर समय मेरी आंखों के सामने नहीं भी होती लेकिन आंखें बंद करते ही तुम मुझे एक निरंतर गति से बहती एक...